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रुका हुआ वेतन निकलवाने का झांसा देकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी से पूर्व जिलाध्यक्ष ने मांगे 80 हजार रुपये

– 20 हजार नगद लिए और 18 हजार रुपए अपने खाते में paytm कराये

– उल्टा पीड़ित को ही नौकरी से निकलवाने और जेल भिजवाने की धमकी दे रहा आरोपी

नगीना, राष्ट्रीय पंचायत ब्यूरो। सफाई कर्मचारी यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष ने एक ग्रामीण सफाई कर्मी से उसका पांच माह का रुका हुआ वेतन दिलवाने का झांसा देकर 80 हजार रुपये मांगें। इस तथाकथित नेता ने ग्रामीण सफाई कर्मी से 20 हजार रुपये नगद ले लिए तथा 18 हजार रुपये अपने बेटे के खाते में पेटीएम कराये। यही नहीं, उसने पीड़ित सफाईकर्मी से दो ब्लैंक चेक तथा हस्ताक्षर किये हुए कोरे स्टाम्प पेपर भी ले लिया। जब ग्रामीण सफाईकर्मी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला तो उसने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी। इस पर रकम वापस करने के बजाय वह पीड़ित को नौकरी से निकलवाने तथा झूठे चेक के मामले में फंसवाकर जेल भिजवाने की धमकी दे रहा है।

नगीना थाना प्रभारी निरीक्षक को प्रेषित पत्र में नगीना के लुहारीसराय पूर्वी वाल्मीकि बस्ती निवासी विजय भारती ने बताया कि वह कोतवाली ब्लॉक के बिन्जाहेड़ी ग्राम पंचायत के ग्राम नियामतपुर इश्क में ग्रामीण सफाई कर्मी के पद पर तैनात है। नगीना के विधायक मनोज पारस तथा उनके चाचा बिन्जाहेड़ी के ग्राम प्रधान जयपाल सिंह के जेल चले जाने के कारण उसके ड्यूटी प्रपत्रों पर उनके हस्ताक्षर नहीं हो पाये, जिससे उसका पांच माह का वेतन रुक गया।

थाना प्रभारी निरीक्षक को प्रेषित पत्र में पीड़ित ने कहा है कि इसी बीच उसके पास ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के ग्राम गजरौला अचपल में तैनात सफाई कर्मी जय प्रकाश पाल गत 3 मार्च को उसके पास आया। जयप्रकाश सफाई कर्मचारी यूनियन का पूर्व जिलाध्यक्ष रहा है तथा वह जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय के लेखाकार निशान्त वर्मा से भी हमसाज है। जय प्रकाश ने उससे कहा कि वह सारे दांव पेंच जानता है। वह उसका रुका हुआ वेतन तथा एरियर आदि सब निकलवा देगा। उसने इसके एवज में 80 हजार रुपये मांगें। विजय भारती के अनुसार यह सोचकर कि पांच माह का वेतन निकल आएगा, वह इसके लिए तैयार हो गया। आरोपी ने विजय भारती से 20 हजार रुपये नगद, हस्ताक्षर किये हुए दो कोरे स्टाम्प पेपर तथा दो ब्लैंक चेक ले लिए। आरोपी ने इसके लिए अपने फोन तथा दूसरे फोन से विजय भारती के पास कई फोन भी किये। भारती ने बताया कि इसी बीच एक दिन जिला पंचायतराज अधिकारी ने आनलाइन बीसी मीटिंग में जिले के सभी ब्लॉकों के कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि किसी का कोई वेतन रुका हुआ है अथवा किसी का कोई अन्य कार्य है तो वह किसी को किसी प्रकार की कोई रिश्वत न दे। यदि वेतन निकलवाने के नाम पर किसी ने कोई पैसा लिया है, तो वह उससे अपना पैसा वापस ले ले। पीड़ित ने आरोपी से जब अपने पैसे वापस ेमांगे तो वह टालता रहा। गत दो अप्रैल को वह फिर पीड़ित के घर आया और उससे अपने पुत्र सोनू के मोबाइल पर 18 हजार रुपये पेटीएम करवा लिए।

विजय भारती ने बताया कि एक दिन वह जब अपने कार्यालय गया तो डीपीआरओ ने बताया कि उसका वेतन निकाला जा रहा है। हम या संबंधित कर्मचारी इस कार्य के लिए कोई रकम नहीं ले रहे हैं। यदि किसी कर्मचारी ने वेतन निकलवाने के लिए किसी को कोई पैसा दिया हो तो वह उससे अपना पैसा वापस ले ले। इस पर पीड़ित ने आरोपी से अपने पैसे वापस लेने के लिए कई बार तगादा किया। आरोपी ने पीड़ित से कहा कि कोई काम पैसे के बिना नहीं होता। कोई कुछ भी बकता है तो बकता रहे। पीड़ित ने बताया कि गत 16 अगस्त को आरोपी जय प्रकाश फिर उसके घर आया और उससे कहा कि ज्यादा होशियारी की तो अच्छा नहीं होगा। तुम्हें कोई भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। मैं निशांत वर्मा से कहकर तुम्हारा वेतन रुकवा दूंगा। तुम्हें निलम्बित करवा दूंगा, तुम्हारी नौकरी छुड़वा दूंगा। धमकी देने से मना करने पर उसने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे धमकी दी कि तेरा एक ब्लैंक चेक तथा दो हस्ताक्षर किये हुए स्टाम्प पेपर मेरे पास हैं। मैं चेक के झूठे मामले में फंसाकर तुझे जेल भिजवाउंगा। आरोपी ने सरेआम जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया तथा कार्यवाही करने पर जान से मारने की धमकी देकर गया। उसके साथ उसका बेटा सोनू तथा दो अज्ञात आदमी भी थे।

विजय भारती ने कहा है कि आरोपी ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर उससे रिश्वत की रकम के साथ साथ ब्लैंक चेक व हस्ताक्षर किये हुए दो स्टाम्प पेपर लेकर आपराधिक दुष्कृत्य किया है। उसने थाना प्रभारी से आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

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