
लखनऊ। प्रदेश के बाराबंकी जिले में सर्पदंश की दर्दनाक घटना में पिता-पुत्र की मौत हो गई। सतरिख थाना क्षेत्र के मुनक्की पुरवा गांव निवासी 60 वर्षीय महेश और उनके 22 वर्षीय बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। बताया गया कि दोनों ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने गए थे। वहां कोबरा सांप मिलने के बाद वे उसे लेकर एक धार्मिक कार्यक्रम के पंडाल में पहुंचे थे।
पंडाल में सांप दिखाने के दौरान डसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को महेश और उनका बेटा छात्रपालन गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे। शाम करीब चार बजे भट्ठे के पास एक कोबरा सांप दिखाई दिया। बताया गया कि पिता-पुत्र ने सांप को पकड़ लिया और बाद में जयपुर थाना क्षेत्र के जरहरा गांव में माता रानी के पंडाल में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम में पहुंच गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों वहां मौजूद लोगों को सांप दिखा रहे थे। इसी दौरान सांप ने पहले बेटे को डस लिया। बेटे को बचाने की कोशिश में महेश को भी सांप ने काट लिया।
अस्पताल पहुंचने से पहले बेटे की मौत
सर्पदंश की घटना के बाद परिजन दोनों को बाराबंकी जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने महेश को मृत घोषित कर दिया। बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। पिता-पुत्र की एक साथ मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
सावधानी जरूरी
सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। सांप को पकड़ने या उसके पास जाने का प्रयास न करें। सर्पदंश होने पर प्रभावित व्यक्ति को यथासंभव शांत रखें और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं।



