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मतदाता सूची से नाम हटाने की अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: जिलाधिकारी

भारत निर्वाचन आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मियों से दुर्व्यवहार करने वालों को जेल भेजेगा प्रशासन

बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले तथा भ्रामक अफवाहें फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन निर्वाचन प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भ्रामक दावों का खंडन और नाम हटाने की पारदर्शी प्रक्रिया
जिलाधिकारी ने फॉर्म-07 के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाए जाने के संबंध में फैल रही अफवाहों को निराधार और बेबुनियाद बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के पास किसी भी मतदाता का नाम हटाने की एक अत्यंत सुरक्षित और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया है। किसी भी मतदाता का नाम केवल मृत्यु, स्थायी अनुपस्थिति, दोहरा पंजीकरण या भारतीय नागरिक न होने की स्थिति में ही हटाया जा सकता है। यह प्रक्रिया केवल उचित सुनवाई और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद ही पूर्ण की जाती है। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि फॉर्म-7 का दैनिक डेटा चुनाव आयोग के पोर्टल पर सार्वजनिक रहता है, जिससे किसी भी प्रकार की गोपनीयता या हेरफेर की गुंजाइश नहीं रहती।

आपत्ति दर्ज करने के कड़े नियम और विधिक जांच
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फॉर्म-7 जमा करने का अधिकार केवल उसी व्यक्ति को है जिसका नाम उसी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज हो। आपत्तिकर्ता को अपना नाम और मतदाता पहचान पत्र संख्या लिखना अनिवार्य है। यदि किसी नाम पर आपत्ति प्राप्त होती है, तो बीएलओ द्वारा उसे पोर्टल पर दर्ज करने के बाद निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) दोनों पक्षों को लिखित नोटिस जारी करते हैं। इसके उपरांत मौका मुआयना और विधिक जांच के आधार पर ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाता है।

राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाता है डेटा
प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रपत्र 6, 6ए, 7 और 8 की संख्या साझा करता है। इसके अतिरिक्त, इन प्रपत्रों की दैनिक सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड की जाती है ताकि आम जनता और हितधारक इसे देख सकें।

अराजक तत्वों को जिलाधिकारी की सीधी चेतावनी
जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि मतदान केंद्रों या कार्यालयों पर जाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी अभिलेखों को क्षति पहुँचाने या बीएलओ, वीआरसी ऑपरेटर और तहसील स्तरीय अधिकारियों को डराने-धमकाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रशासन कठोरतम दंडात्मक कार्यवाही करेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्मिकों का मानसिक उत्पीड़न या उनके कार्य में हस्तक्षेप करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर दोषियों को तत्काल जेल भेजा जाएगा।

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