महाशिवरात्रि पर देवाशीष योग ट्रस्ट में उमड़ा साधकों का सैलाब
:- त्रैमासिक योग प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत ध्यान और योग से जाना शिवतत्व का मर्म
मेरठ, राष्ट्रीय पंचायत। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम्, लखनऊ के तत्वावधान में संचालित निशुल्क त्रैमासिक योग प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर एक विशेष आध्यात्मिक सत्र का आयोजन किया गया। मेरठ स्थित देवाशीष योग ट्रस्ट के केंद्र पर प्रातः काल आयोजित इस विशेष ध्यान योग सत्र में बड़ी संख्या में योग साधकों और साधिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। शांत और ऊर्जावान वातावरण के बीच आयोजित इस सत्र का संचालन संस्थान द्वारा चयनित योग शिक्षक कर्मयोगी आशीष शर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर केंद्राध्यक्ष एवं सचिव कुलवंत किशोर शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साधना और ध्यान के माध्यम से स्वयं के भीतर झांकने का अवसर है। सत्र के दौरान साधकों को विशेष ध्यान, प्राणायाम और मानसिक एकाग्रता की उन्नत विधियों का गहन अभ्यास कराया गया। योग शिक्षक आशीष शर्मा ने शिवतत्व और योग के गूढ़ संबंध पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान शिव ही आदियोगी हैं, जिनसे सृष्टि में योग परंपरा का प्रादुर्भाव हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान का सबसे सशक्त माध्यम है, जो व्यक्ति को तनावमुक्त और अनुशासित जीवन की ओर अग्रसर करता है।
शिविर के दौरान साधकों ने ध्यान साधना के माध्यम से आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। संस्थान द्वारा जनहित में निरंतर चलाए जा रहे इस निशुल्क शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और सकारात्मक जीवनशैली के साथ योग संस्कृति का प्रसार करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी योग प्रेमियों ने नियमित अभ्यास का संकल्प लिया। इस अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सेवाभावी पहल की सराहना की।

