बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत। सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न सरकारी दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कई कार्यालयों में कुर्सियां खाली मिलीं और बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब पाए गए।
निरीक्षण की इस कड़ी में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वान्या सिंह ठीक सुबह 10 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय पहुंचीं। वहां उपस्थिति पंजिका की जांच करने पर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कुल 18 कार्यरत कर्मचारियों में से केवल 4 ही अपनी सीट पर मौजूद थे, जबकि शेष 14 कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। इतनी बड़ी संख्या में स्टाफ के गायब होने पर एडीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसी प्रकार, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित ने उपायुक्त उद्योग कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। वहां केवल तीन कर्मचारी (मुकेश कुमार, अंगूरी देवी और शीला ठाकुर) ही उपस्थित मिले। कार्यालय के अन्य कर्मचारियों के बारे में पूछने पर बताया गया कि कुछ कर्मचारी अवकाश पर हैं, लेकिन मौके पर उनका कोई भी आधिकारिक अवकाश प्रार्थना पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

उपायुक्त उद्योग अमित कुमार सिंह भी निरीक्षण के समय कार्यालय में मौजूद नहीं थे, जिन्होंने बाद में दूरभाष पर सूचना दी कि वे आईटीआई बिजनौर में चल रही विश्वकर्मा ट्रेनिंग के निरीक्षण में गए हुए हैं। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने इन सभी लापरवाहियों को गंभीरता से लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक और उपायुक्त उद्योग को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने निर्देशित किया है कि अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों से तत्काल स्पष्टीकरण प्राप्त कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्य के प्रति लापरवाही और समय की पाबंदी का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।


