बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने देर रात जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अचानक हुई इस छापेमारी से अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि मौके पर स्टाफ की संख्या काफी कम थी, जिस पर उन्होंने तत्काल उपस्थिति पंजिका (अटेंडेंस रजिस्टर) तलब की।
पंजिका की जांच करने पर एक बड़ी लापरवाही सामने आई कि उसमें कर्मचारियों के नाम तो दर्ज थे, लेकिन उनका ड्यूटी समय अंकित नहीं था। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि कौन सा कर्मचारी दिन की शिफ्ट में है और किसकी ड्यूटी रात में है। इस अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को फटकार लगाई और निर्देशित किया कि तत्काल प्रभाव से शिफ्टवार ड्यूटी चार्ट तैयार कर पंजिका में समय का स्पष्ट अंकन किया जाए।

अस्पताल के विभिन्न वार्डों का रुख करते हुए जिलाधिकारी ने एनआईसीयू (NICU) और चाइल्ड वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता मानकों की अनदेखी पर असंतोष जाहिर करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि वार्डों समेत पूरे अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था चाक-चौबंद रहनी चाहिए और कहीं भी गंदगी नजर नहीं आनी चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया कि वार्डों में भर्ती मरीजों की देखभाल में कोई कोताही न बरती जाए और उन्हें शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं सुलभ कराई जाएं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए वहां भर्ती मरीजों और बच्चों के अभिभावकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने मरीजों से पूछा कि क्या उन्हें अस्पताल में दवाएं और अन्य सुविधाएं निशुल्क मिल रही हैं या नहीं। संतोषजनक बात यह रही कि मरीजों ने अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और दवाओं के निशुल्क मिलने की पुष्टि की। जिलाधिकारी ने अंत में चेतावनी दी कि भविष्य में यदि निरीक्षण के दौरान स्टाफ की अनुपस्थिति या ड्यूटी समय को लेकर कोई विसंगति पाई गई, तो संबंधित के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



