
बिजनौर, संवाददाता राष्ट्रीय पंचायत। ‘हिंदू धर्म में विश्वकर्मा को निर्माण एवं सृजन का देवता माना गया है।’ उक्त उद्गार राजकीय आईटीआई, बिजनौर के प्रधान सहायक राकेश शर्मा ने बुधवार को आईटीआई परिसर में आयोजित भगवान विश्वकर्मा जन्मोत्सव के अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि, ‘मान्यता है कि सोने के शहर लंका और भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका का निर्माण भगवान विश्वकर्मा द्वारा ही किया गया था।’

राजकीय आईटीआई में बुधवार को विश्व के प्रथम अभियंता सोने के शहर लंका के निर्माता भगवान ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र विश्वकर्मा का जन्मोत्सव हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया।
भगवान विश्वकर्मा जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर ही राजकीय आईटीआई बिजनौर में विशेष सफाई अभियान चला कर समस्त वर्कशॉप एवं उपकरणों की सफाई की गई तथा बुधवार को पंडित गोपाल कृष्ण ने हवन यज्ञ संपन्न कराया। इस अवसर पर आईटीआई में उपयोग होने वाले समस्त उपकरणों की भी पूजा की गई।
कार्यक्रम में राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य मंजुल मयंक, फोरमैन दीपक कुमार गुप्ता, श्रीमती ज्योत्सना, प्रधान सहायक राकेश शर्मा, आशीष कुमार सक्सेना, आशीष कुमार, प्रेम सिंह ,सत्यवीर सिंह, कामता प्रसाद ,बृजेश कुमार खरवार,विजयपाल सिंह,कुलदीप कुमार ,नीरज कुमार शर्मा ,ओंकार सिंह, करतार सिंह, श्रवण कुमार गुप्ता, प्रकाश सिंह, मनोज कुमार, राजीव कुमार शर्मा ,अरविंद कुमार, योगेश कुमार ,कमल वीर सिंह, सत्येंद्र कुमार, हिमानी,दिवाकर चौधरी ,नीरज चौधरी, भूपेंद्र प्रताप सिंह, बीके वर्मा, डांडियाल सिंह, श्याम सिंह, शशी, अभय कुमार श्रीवास्तव, अनुज यादव, राहुल सिंह, बृजेश कुमार यादव, संजीव चौधरी, सुनील कुमार सिंह, गौरव कुमार, कपिल अग्रवाल, राज सिंह, अमित कुमार शर्मा आदि उपस्थित थे।
